हिन्दी कविता
Friday, September 12, 2025
हिन्दी कविता : वक़्त से तेज
हिन्दी कविता : वक़्त से तेज
: न खेल मेरी हसरतों से, ए वक़्त मैं तेरा तकाजा हूं खयालों की दुनियां मेरी भी है, मैं जिसका राजा हूं ग़र जो बहक गया मैं, खुद को ही झोंक दूँग...
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