Sunday, June 23, 2024

उम्मीद

 जिंदा है तो जीना होगा l

         क्यों इस तरह से जिंदा है तू ll


इससे तो है मौत ही अच्छी l

         जब यही सोच शर्मिन्दा है तू ll


नया है खेल में बेशक तू l

            है तेरा कोई इतिहास नहीं ll


आजमा कर देख ले बन्दे l

       खाली गया कभी प्रयास नहीं ll


डरता है किस बात से तू l

           हार से क्यों तू हताश हुआ ll


खाल शेर की धारण कर तू l

         नाकामी का ये लिबास नहीं ll


खोज मुश्किलों को अपनी l

             जो कुछ एक चुनिंदा है ll


मुश्किलें यदि आसमाँ सी तो l

       तू खुद भी तो एक परिंदा है ll


भर ले एक उड़ान तू ऊंची l

           तू वहीँ का तो बाशिंदा है ll


जिंदा है तो जीना होगा l

        क्यों इस तरह से जिंदा है ll


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