जिंदा है तो जीना होगा l
क्यों इस तरह से जिंदा है तू ll
इससे तो है मौत ही अच्छी l
जब यही सोच शर्मिन्दा है तू ll
नया है खेल में बेशक तू l
है तेरा कोई इतिहास नहीं ll
आजमा कर देख ले बन्दे l
खाली गया कभी प्रयास नहीं ll
डरता है किस बात से तू l
हार से क्यों तू हताश हुआ ll
खाल शेर की धारण कर तू l
नाकामी का ये लिबास नहीं ll
खोज मुश्किलों को अपनी l
जो कुछ एक चुनिंदा है ll
मुश्किलें यदि आसमाँ सी तो l
तू खुद भी तो एक परिंदा है ll
भर ले एक उड़ान तू ऊंची l
तू वहीँ का तो बाशिंदा है ll
जिंदा है तो जीना होगा l
क्यों इस तरह से जिंदा है ll
No comments:
Post a Comment