कभी ग़र लगे तुझे, कि जो मिला वो कम है
जीत ले जहान को, ग़र सच में तुझमे दम है
रखकर टीस दिल में, कायरों सा न बन तू
तू शेर है दहाड़ दे, किस बात का वहम है
ग़र न कर सके हिम्मत, ये ख्याल त्याग दे
जो मिला बहुत है, बस यही तेरा चरम है
झूठी दलीलें नापसंद है, दुनियां को प्यारे
है हिम्मत तो दिखा दे, कि तुम तुम हो, हम हम है
No comments:
Post a Comment