गिर चुका सौ बार तो क्या, एक प्रयास औऱ सही
कई पोशाकें मैली हो गई, एक लिबास औऱ सही
अब के गिरा जो फिर सीखूंगा, एक सबक नया
कई उम्मीदें कायम है, क्यों न एक कयास औऱ सही
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