Saturday, November 16, 2024

किस्मत

विचारों का समुंदर है, तो उम्मीद की है नांव भी 

तपती सी धूप भी है औऱ दरख़्तों की है छांव भी 

कैसे कह दूँ कि,  लकीरों का मोहताज हूं मैं 

करीब ही है साहिल, औऱ दरिया में है बहाव भी 

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