Saturday, November 9, 2024

सपनें

 सपनों के आगे नींद ने, फिर से शिकस्त मानी

आँखें बयां कर रही हैं, बीती रात की कहानी

दिल में जगी अलख, बेताबी मेरी दिखाती हैं

रात भर खामोशियों से, चली है जंग रूहानी 










No comments:

Post a Comment