सपनों के आगे नींद ने, फिर से शिकस्त मानी
आँखें बयां कर रही हैं, बीती रात की कहानी
दिल में जगी अलख, बेताबी मेरी दिखाती हैं
रात भर खामोशियों से, चली है जंग रूहानी
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